सीएम खट्टर की लोकप्रियता का जवाब बौखलाए विपक्षियों ने दिया अपशब्दों द्वारा
सीएम खट्टर की लोकप्रियता का जवाब नहीं अभद्र विपक्षी के पास : हरियाणा विधानसभा चुनाव अपने अंतिम 10 दिनों के दौर में पहुंच चुका है। चुनाव के पहले से और चुनाव के बाद वाले रुझानों में भी सीएम मनोहर लाल खट्टर प्रचंड बहुमत के साथ वापसी करते दिख रहे हैं। ऐसे में पहले से अदृश्य और स्तरहीन हो चुका हरियाणा का विपक्ष अब सीएम खट्टर पर अनर्गल आरोप लगाने के बाद उनको सीधे व्यक्तिगत तौर पर निशाना बना रहा है और अब बात गाली-गलौच तक आ तक आ चुकी है।
जहाँ सीएम मनोहर लाल खट्टर दिन के अधिकतर समय जनता से समपर्क कर उनका आशीवार्द लेने के लिए अपने चुनावी अभियान में लगे हुए हैं तो वहीं बाहर से लोगों को बुलाकर भी जन समर्थन हासिल न कर पाने वाला विपक्ष अब हताश और निराश है। अपनी हार को नज़दीक आता देख उसने घुटने टेक दिए हैं और इसलिए हरियाणा के सीएम को गाली दी जा रही है। लेकिन हरियाणा के विनम्र और सुशील स्वभावी सीएम मनोहर लाल खट्टर की आत्मविश्वास से भरी मुस्कान ही विपक्षियों को चीरे जा रही है। वह अपनी विनम्रता से आगे चुनाव प्रचार करते रहेंगे क्योंकि सीएम खट्टर का काम राज्य में बोलता है।
सीएम खट्टर की लोकप्रियता राज्य के बाहर भी !
विपक्षियों के गाली-गलौच वाले कृत्य से ही सीएम खट्टर की लोकप्रियता का अनुमान लगाया जा सकता है। महाराष्ट्र कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन रावत ने सोमवार को सीएम खट्टर को “खच्चर” यानी गधे का बच्चा कह दिया। यह बयान सीएम खट्टर के उस बयान के जवाब में आया है जब उन्होंने मात्र इतना कह दिया कि सोनिया गांधी की नियुक्ति “मरी हुई चुहिया के समान” है। उन्होंने सोनिया गांधी पर कोई व्यक्तिगत हमला नहीं किया था लेकिन इस बात को व्यक्तिगत ले जाते हुए उन्होंने सीएम खट्टर को गाली दी। अब तो महाराष्ट्र के कांग्रेसियों को भी सीएम खट्टर खटकने में लगे हैं, इससे साफ है कि सीएम खट्टर हरियाणा से लेकर महाराष्ट्र में भी एक फैक्टर बन चुके हैं। उनका काम है, उनकी शख्सियत है कि वह लगातार आगे बढ़ते जा रहे हैं और विपक्षी पीछे रहते हुए बस गाली-गलौच के लिए बचे हुए हैं।

सीएम खट्टर को राज्य में भी विपक्ष की अभद्रता देखने को मिलती है। ताज़ा उदाहरण आप के हरियाणा नेता नवीन जयहिंद का है जिन्हे बिना कोई कौरवों के ही मनोहर लाल खट्टर “शकुनि मामा” जान पड़ते है। शकुनि मामा तो अपने भांजे दुर्योधन के लिए छल-प्रपंच करता था परन्तु जयहिंद साहब को सीएम खट्टर के भांजे ना जाने कहाँ से दिख गए ? संघ की त्यागशीला से पल्लवित मनोहर लाल खट्टर के आगे-पीछे कोई नहीं है और न ही कोई हो सकता है। उनकी बस हरियाणा की जनता है और वह उसके। उन्होंने ने प्रतक्रिया भी देना मुनासिब नहीं समझा क्योंकि अभी चुनाव का समय है जो ऐसे हताश विपक्षियों पर व्यर्थ नहींकिया जा सकता। जब वह जीत के दोबारा शपथग्रहण लेंगे तो उनकी वह आत्मविश्वास से भरी मुस्कान ही विपक्षियों को भेदने के लिए काफी है।
राजनाथ सिंह ने विमान की शस्त्र पूजा विवाद पर दिया बयान

Web Journalist
Ex- Punjab Kesari, Bihar Express, Unacademy

